India Today Media Institute

“CASTEISM” ON A SPREE

India is a country where people strive to belong to the reserved category and can even stake their lives for the sake of it.

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Stephen Hawking: The brightest cosmic Star

Stephen Hawking: The brightest cosmic Star

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सत्ता का नशा या विचारधारा के प्रति निष्ठा

नये दौर की राजनीति में अपनी ताक़त दिखाने के लिए आये दिन राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा नए-नए तरीक़े देखने को मिलते हैं। सत्ता के नशे में चूर ये कार्यकर्ता शायद नए-नए पैंतरों से पार्टी विचारधारा के प्रति अपनी निष्ठा ज़ाहिर करने की कोशिश करते हैं ।
हाल ही में मुद्दा सामने आया है मूर्तियाँ तोड़ने का, जिसमें अपनी पार्टी, धर्म व समाज के विपरीत विचारधारा वाले महानुभावों की मूर्ति को ध्वस्त किया जा रहा है ।

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 ज़िन्दगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन

क्या लेकर आये थे,क्या लेकर जाओगे।

 मुट्ठी बंद कर आये थे,खोल कर जाओगे।।

My Journey to My Dream

I have achieved my dream by being a proud employee of The India Today Group.
Thank You to all those who helped me stand up on my feet all through my journey. This institute will always be an significant part of my life.

Miss You ITMI!

Reena Roy back in Bollywood 

Reena Roy a veteran bollywood actress who has performed leading roles in many films from 1972 to 1985 and was a leading actress of that era. She was the highest-paid actress of her time. She was awarded the Filmfare Lifetime Achievement Award in 1998.

भविष्य आर्टिफ़िशल इंटेलिजेन्स का

इस समय का नवीनतम अविष्कार जो आने वाले भविष्य में विश्व और भारत में रोजगार को प्रभावित करने वाला है , वह है कृत्रिम बुद्धिमत्ता उर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, यह मशीनों की बुद्धि को दर्शाता है। जिस प्रकार मनुष्य वातावरण और हालात देख निर्णय ले पाता है अगर वैसे ही कोई मशीन किसी परिस्थिति अनुरूप निर्णय ले , जो कि उस घड़ी में सबसे उपयुक्त हो तो उसे उस यन्त्र की कृत्रिम बुद्धि कहते है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह शाखा है जिससे रोबोट को इफेक्टिव और इंटेलीजेंट बनाया जाता है, और इस प्रकार के रोबोट विदेशो में एवं देश की कई बड़ी कम्पनियो में अपनी जगह बना चुके है, जहां वो पूर्व में मजदूरों और कारीगरो द्वारा किये गए काम को खुद कर रहे है।

2018 : भारत के सामाजिक – आर्थिक ढांचे के लिए चुनौती और अवसरों वाला साल

वर्ष 2017 गुजर चुका है । नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े आर्थिक परिवर्तनों के चलते बाजार में छाई सुस्ती के कारण यह साल निराशा भरा था . बढ़ती बेरोजगारी अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन कर उभरी