नारी: मौका या ज़िम्मेदारी?

women: opportunity or responsibility

India Today Media Institute

संतुलन: कला और जीविका के बीच

संतुलन जीवन जीने का एक मूल मन्त्र है, बगैर संतुलन के जीवन निर्वाह कर पाना संभव नहीं| जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन होना न केवल जरूरी है बल्कि ये कहना भी अतिश्योक्ति न होगी के बगैर संतुलन के जीवन जिया ही नहीं जा सकता जनाब! यदि आप जीवन जीना चाहते हैं और एक उत्तम जीवन जीना चाहते हैं तो यकीनन बगैर संतुलन के आप इसकी कल्पना भी न करें|