ज़िन्दगी मिलेगी दोबारा फाउंडेशन

India Today Media Institute

Written By- Ajit Singh

 

  क्या लेकर आये थे,क्या लेकर जाओगे।

 मुट्ठी बंद कर आये थे,खोल कर जाओगे।।

 

यूँ तो कई गैर सरकारी  संस्थान लोगो के हित में काम कर रहे है पर ऐसे बहुत  कम गैर सरकारी  संस्थान है जो किसी व्यक्ति के निधन  के बाद  उनके लिए काम करते  हो।झारखण्ड की राजधानी रांची में एक तेजी से आगे बढ़ रहे गैर सरकारी संस्थान “ज़िन्दगी मिलेगी दोबारा”  ने ये बेडा उठाया है।नवम्बर 2017 से शुरू इस फाउंडेशन ने अपने सफ़र की शुरुआत की जिसमे इन्होने शवों को निशुल्क एम्बुलेंस की सुविधा,के साथ साथ कई अन्य चीजे भी मुहैया  कराइ ताकि ससम्मान शवों को अंतिम विदाई दी जा सके।ज़िन्दगी मिलेगी दोबारा  फाउंडेशन ने राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के बहार अपनी संस्था के तरफ से चार एम्बुलेंस  लोगो के लिए मुहैया कराया।सरकारी एम्बुलेंस की कमी  और  गैर मौजूदगी में लोगो के लिए फाउंडेशन की  फ्री एम्बुलेंस सेवा कारगर साबित होने लगी।इन एम्बुलेंस का दायरा वैसे तो 100 किलोमीटर तक सिमित है पर बुरी परिस्थितियों में सीमा लांघकर इसने लोगो को कोलकत्ता बनारस और बिहार भी पहुचाया।चारो ने चारो दिशाओं में पूरी निष्ठा से लोगो की सेवा की जिससे  न केवल आम जन बल्कि  सरकार भी प्रभावित हुई।सबने फाउंडेशन की खूब सराहना की और अब इसका विस्तार होना शुरू होने लगा है।शुरूआती दौर में ये फाउंडेशन सिर्फ  शव को ले जाने का काम करती थी पर अब ये रिम्स (राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस) से मरीजो को निशुल्क घर तक पहुचानें का भी काम करने लगी है।ज़िन्दगी मिलेगी दोबरा के फाउंडर अश्वनी राजगढ़िया का एक ही लक्ष्य है की लोगो की मदद करना और  खासकर  हर उस जरूरतमंद की जो शायद  पैसे के अभाव में अपनों को हॉस्पिटल से घर नहीं जा पाते है।नवम्बर से मार्च तक में  जिंदगी  मिलेगी दोबारा 700 से ऊपर लोगो तक पहुंची  चुकी है।हर बार सुविधाओं  में चुक की वजह से फजीहत झेलते आ रहे रिम्स के लिए  ज़िन्दगी मिलेगी दोबारा  वरदान साबित हो  रहा है।

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Picture Courtesy: Zindagi Milegi Dobara Foundation
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Picture Courtesy: Zindagi Milegi Dobara Foundation
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Picture Courtesy: Zindagi Milegi Dobara Foundation
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Picture Courtesy: Zindagi Milegi Dobara Foundation
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Picture Courtesy: Zindagi Milegi Dobara Foundation

About the Author- Ajit is a trainee journalist at India Today Media Institute

Published By- Shubhrika Bahadur Satyawakta


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