माउंट आबू- एक खूबसूरत याद

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Written By: Shreoshree Chakrabarty
३१ जनवरी २०१७, संस्थान के बच्चों से भरी बस सुबह- सुबह निकल पड़ी माउंट आबू की ओर। मदमस्त संगीत की धुन गुनगुनाते हुए सभी रास्ते का लुत्फ़ उठा रहे थे। पहाड़ी इलाकों कि ख़ूबसूरती की  दास्ताँ ही अलग होती है। खिड़की से नज़र आने वाले दृश्य मनमोहक थे। जैसे- जैसे बस पहाड़ो की ऊंचाइयों को छूता जा रहा था आबू पर्वतों की सुंदरता निखरती जा रही थी। आबू पर्वत (माउण्ट आबू) राजस्थान का एकमात्र पहाड़ी नगर है जो समुद्र तल से १२२० मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। जैनियों का प्रमुख तीर्थस्थान तथा अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर यह राज्य का ग्रीष्मकालीन शैलावास भी है। यह हिन्दू और जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां का ऐतिहासिक मंदिर और प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को आकर्षित करती है।
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दिलवाड़ा मंदिर यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। माउंट आबू से १५ किलोमीटर दूर गुरु शिखर पर स्थित इन मंदिरों का निर्माण ग्यारहवीं और तेरहवीं शताब्दी के बीच हुआ था। दिलवाड़ा के मंदिर और मूर्तियाँ कला का मुख्या केंद्र है।। ये राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू नगर में स्थित, यह पाँच मंदिरों का समूह है।  परिसर में पांच मंदिर संगमरमर का है। मंदिरों के लगभग 48 स्तम्भों में नृत्यांगनाओं की आकृतियां बनी हुई हैं। मंदिर निर्माण कला का उत्तम उदाहरण है ये  दिलवाड़ा के मंदिर और मूर्तियां। छत, दरवाज़ों, खम्भों आदि की नक्काशियां ख़ूबसूरती की मिसाल है।  विमल वसाही मंदिर, लूना वसाही मंदिर, पित्तलहर मंदिर, पार्श्वनाथ मंदिर, महावीर स्वामी मंदिर, ५ मंदिरों का यह समूह अत्यंत आकर्षक है।
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इस मनमोहक दृश्य को दिलों में उतारने के पश्चात् सभी ने  नक्की झील की ओर अपने कदम बढ़ाये।यह मीठे पानी का झील, राजस्थान की सबसे ऊँची झील है। सर्दियों में यह अक्सर जम जाती है।  नक्की झील माउंट आबू का एक सुन्दर पर्यटन स्थल है। कहा जाता है कि एक हिन्दू देवता ने अपने नाखूनों से खोदकर यह झील बनाई थी। इसीलिए इसे नक्की (नख या नाखून) नाम से जाना जाता है। झील से चहुओर के पहाड़ियों का दृश्य अत्यंत सुंदर दिखता है। नौकायन का भी  आनंद यहाँ लिया जा सकता है। नक्की झील के दक्षिण-पश्चिम में स्थित सूर्यास्त बिंदू से डूबते हुए सूर्य के सौंदर्य को देखा जा सकता है। आँखों को शांति पहुँचाने वाले हरे भरे मैदानों के दृश्य भी हैं। सूर्यास्त के समय आसमान के बदलते रंगों की छटा देखने का अलग ही मज़ा है। प्राकृतिक सौंदर्य का नैसर्गिक आनंद देनेवाली यह झील चारों ओऱ पर्वत शृंखलाओं से घिरी है। यहाँ के पहाड़ी टापू बड़े आकर्षक हैं।
इन्ही ख़ूबसूरत यादों तथा वादियों की पोटली बांधे सभी घर की ओर चल पड़े।
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About the Author: Shreoshree Chakrabarty is a trainee at India Today Media Institute.

Published by : Akriti Anand


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