सरकार बनाम स्वास्थ्य

लेखिका- तनप्रीत मदान

जहाँ एक तरफ भारत की एक बेटी ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीत के देश का नाम रोशन किया , वहीं दूसरी तरफ अस्पताल और सरकार की लापरवाही के कारण एक 7 साल की बेटी ने अपनी जान गवां दी।

aadya, child care
Image Courtesy : India samvad

मामला 14 सितंबर का है लेकिन एक ट्वीट के वायरल होने से यह फिर चर्चा में आया,  गुरुग्राम के रहने वाले “आदया “के माता – पिता फोर्टिस अस्पताल के व्यवहार से काफी निराश थे, गौरतलब है कि 14 सितंबर को इलाज के दौरान आदया की मौत हो गयी थी लेकिन इससे अस्पताल प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ा था। यह बात है 31 अगस्त 2017 की जब 7 साल  की आदया को डेंगू से ग्रसित होने की वजह से गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, आदया अपने माता पिता के साथ द्वारका में रहती थी। करीबन 15 दिन  अस्पताल में रहने के बाद उसकी हालत बद से बदतर होती गयी और 14 सितंबर को आदया ने अपनी अंतिम सांस ली।

dengue, child care
Image Courtesy : The Indian Express

आदया के परिवार वालों का कहना था की आदया को तीन दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा गया था जिसका उसपर कोई सकारात्मक प्रभाव नही पड़ रहा था। उसके विपरीत फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने प्रोटोकॉल में रहकर मरीज के उपचार की सभी मेडिकल प्रक्रियाओं का पालन किया था। आदया के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि अस्पताल वालों ने 20 पन्नो का बिल थमा कर उनसे तक़रीबन 18 लाख रुपये वसूले थे और उसके बाद ही परिवारजनों को बच्ची का शव सौंपा था, उस बिल में 2700 दस्ताने और 660 सिरिंजो का विवरण शामिल था । इतना ही नहीं, आदया के पिता ने सीटी स्कैन और एम.आर.आई. कराने की भी मांग की थी जिसे डॉक्टरों ने नज़रंदाज कर दिया था ।

twitter, fortis
Image Courtesy : BuddyBits

मामला दुबारा चर्चा में आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए ट्वीट कर आदया के परिवारजनों से सभी ज़रूरी दस्तावेज व बिल उनसे साझा करने की अपील की और मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराने का आश्वासन भी दिया।

JP Nadda, Health
Image Courtesy : The Indian Express

अब बात करें सरकारी अस्पतालों की तो लापरवाही के कारण आये दिन बच्चों की मौत के मामले सामने देखने को मिल जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में चल रही डॉक्टरों की, ज़रूरी उपकरणों की व् साफ़-सफाई की कमी को देखते हुए इसका साफ़ तौर पर आकलन लगाया जा सकता है की वहाँ की स्थिति का आलम क्या बना रहता होगा। अभी वर्तमान में  नजर डाली जाए तो हाल ही में ख़बर सुनने में आई थी कि गुजरात के अहमदाबाद में तीन दिन के अंतराल में 18 नवजात शिशुओं ने सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया था, जिसमें 9 नवजात शिशुओं की मौत जन्म लेने के 24 घंटे के भीतर ही हो गई थी। मौत के कारणों का पता न चल पाने से अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दी परंतु अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की वजह से स्थिति काबू में बनी रही।

Govt Hospital, Health care
Image Courtesy : Irony of India

सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एम. एम. प्रभाकर ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि शिशुओं को यहाँ जब भर्ती कराया गया तब उनकी हालत पहले से ही नाजुक बनी हुई थी।

आखिर ऐसी क्या बात है जो शहर दर शहर , अस्पताल दर अस्पताल में लगातार बच्चों की मौत की खबर सुनाई दे रही है ? आखिरकार “स्वास्थ्य” एक बड़ा मुद्दा क्यों नही? गोरखपुर तो कब का पीछे छूट गया, अब तो रांची,इटावा,असम और म.प्र. भी इनमे शामिल हो गयें है। क्या देश का मुद्दा केवल हिन्दू-मुस्लिम, गौरक्षा, राम मंदिर जैसे विषयों तक ही सीमित रह गया है , या मानवता इसी में है कि भारत में स्वास्थ्य की परिस्थितियों को भी सुधारा जाए?

लेखिका के बारे में – लेखिका, तनप्रीत मदान इंडिया टुडे मीडिया इन्स्टिटूट में प्रशिक्षु पत्रकार हैं

संपादक एवं प्रकाशक – अनुराग शर्मा


Disclaimer : Any views or opinions represented in this blog belong solely to the writer and do not represent those of people, institutions or organisations that the owner may or may not be associated with in professional or personal capacity, unless explicitly stated. Any views or opinions are not intended to malign any religion, ethnic group, club, organisation, company or an individual. All content provided on this blog is for informational purposes only. The owner of this blog makes no representations as to the accuracy or completeness of any information on this site or found by following any link on this site.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s